पटना न्यूज डेस्क: बिहार के बांका जिले में साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है जो खुद को जिला शिक्षा पदाधिकारी यानी D.E.O बताकर शिक्षकों से जुड़ी सरकारी जानकारी का दुरुपयोग कर रहा था। ये लोग मोबाइल नंबर पोर्टिंग कर सरकारी योजनाओं और खातों से OTP के जरिए ठगी करते थे। मामले की शुरुआत एक सरकारी शिक्षक की शिकायत से हुई, जिसके मोबाइल नंबर और शिक्षा कोष से जुड़ी जानकारी का गलत इस्तेमाल हो रहा था।
शिकायत मिलते ही बांका एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा के आदेश पर एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने तकनीकी जांच के आधार पर पटना, नवादा और नालंदा में छापेमारी की। इस ऑपरेशन में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और इनके पास से पांच मोबाइल और दस सिम कार्ड जब्त किए गए। गिरफ्तार युवक नालंदा जिले के फरासपुर गांव के रहने वाले हैं, जिनमें सैनी, सूरज, अभिषेक और संतोष नाम के युवक शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बहुत ही हाई-टेक तरीके से काम करता था। ये सरकारी अधिकारियों की पहचान चुराकर मोबाइल नंबर किसी और के नाम पर पोर्ट करवाते थे। फिर जब उस नंबर पर OTP आता, तो उसका इस्तेमाल कर शिक्षा से जुड़े खातों और योजनाओं में सेंधमारी करते थे। खास बात ये है कि उन्होंने अपने टारगेट शिक्षकों और विद्यालयकर्मियों को ही बनाया था।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस गैंग से और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। यह कार्रवाई न केवल शिक्षकों की सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि यह दिखाता है कि साइबर अपराधी अब सरकारी सिस्टम को भी निशाना बना रहे हैं।