पटना न्यूज डेस्क: पटना के अमलाटोला कन्या मध्य विद्यालय में पांचवीं क्लास की 12 वर्षीय छात्रा की शौचालय में आग से हुई दर्दनाक मौत के बाद इलाके में तनाव फैल गया। बुधवार को हुई इस घटना के बाद गुरुवार को चितकोहरा इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा किया और पुलिस पर भी हमला बोल दिया। इसी दौरान गर्दनीबाग थाने के सब इंस्पेक्टर घायल हो गए, जबकि एसडीपीओ सचिवालय की गाड़ी से कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
इससे पहले घटना से नाराज लोगों ने स्कूल में जमकर तोड़फोड़ की थी। परिजनों का आरोप है कि छात्रा को किसी ने केरोसिन डालकर जलाया है, जबकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या थी या हत्या। मौके से पुलिस को एक बोतल मिली है, जिसमें ज्वलनशील पदार्थ था। एफएसएल की टीम ने भी मौके से नमूने जुटाए हैं। छात्रा के पिता के बयान पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच दोनों ही पहलुओं पर चल रही है।
स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि घटना के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने लापरवाही बरती और बच्ची को समय रहते अस्पताल नहीं ले जाया गया। उनका आरोप है कि छात्रा ने खुद आग नहीं लगाई, बल्कि उसे साजिश के तहत जिंदा जलाया गया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि छात्रा आसपास रहने वाले कुछ युवकों से परेशान थी, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
छात्राओं के अनुसार, शौचालय से धुआं निकलने की जानकारी सबसे पहले छठी क्लास की एक बच्ची ने दी। इसके बाद स्कूल में भगदड़ मच गई। बताया गया कि छात्रा लगभग 50 मिनट तक शौचालय में तड़पती रही, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो स्थानीय लोगों ने चादर और गमछा दिया, जिससे उसका जला हुआ शरीर ढंका गया। पुलिस ने ऑटो से उसे पीएमसीएच भेजा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।