पटना न्यूज डेस्क: बिहार में ठंड ने दस्तक दे दी है और हाल अभी से पतला होने लगा है। रात का तापमान तेजी से गिरकर 7.5°C तक पहुंच गया है और ऊपर से दृश्यता भी सिर्फ 450 मीटर… लेकिन मज़े की बात ये है कि मौसम विभाग इसे असली ठंड मान ही नहीं रहा। उनका कहना है कि यह तो बस झलक है, असली कड़ाके की ठंड तो दिसंबर की शुरुआत में पड़ेगी और पूरा दिसंबर–जनवरी बिहार को जमाकर रखेगा। फिलहाल उत्तरी जिलों—जैसे पूर्णिया, मुजफ्फरपुर और गोपालगंज—में पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ने से ठंड और तेज़ होने वाली है।
मौसम सेवा केंद्र के मुताबिक राज्य के ज़्यादातर इलाकों में आसमान धुंधला रहेगा और मौसम शुष्क ही बना रहेगा। उत्तरी हिस्सों में पछुआ हवा 40 किमी/घंटा तक की स्पीड से चल सकती है। दिन का तापमान 26–30°C के बीच रहने का अनुमान है, जबकि रात का पारा कई जगह 8–12°C तक गिर सकता है। हवा में नमी ज्यादा होने की वजह से कोहरे का असर हर दिन गहरा हो रहा है। गुरुवार को पूर्णिया में तो दृश्यता सिर्फ 450 मीटर ही रह गई।
नमी और हवा की इस मिलीजुली मार के बीच राज्य में ठंड का रिकॉर्ड भी बन गया है। मौसम सेवा केंद्र ने बताया कि इस सीज़न का सबसे कम तापमान 7.4°C रहा, जो कैमूर जिले के भभुआ के अधौरा प्रखंड में दर्ज किया गया। यह अब तक का सबसे ठंडा पड़ाव माना जा रहा है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों, जंगलों के आसपास, गांवों में और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को ठंड की मार ज्यादा महसूस हो रही है।
कुल मिलाकर, नवंबर का आखिरी हिस्सा ही लोगों को ठिठुराने लगा है और दिसंबर आते-आते हालात और सख्त होने वाले हैं। कोहरा, पछुआ हवा और कम दृश्यता—ये तीनों मिलकर बिहार में ठंड का असर और बढ़ाएंगे। लोगों को फिलहाल गर्म कपड़ों और सावधानी दोनों की जरूरत है क्योंकि असली ठंड अभी आने वाली है।