पटना न्यूज डेस्क: CBSE ने सत्र 2025-26 से एक बड़ा कदम उठाया है, और इसका सीधा असर बिहार और झारखंड के छात्रों पर पड़ेगा। अब दोनों राज्यों के लिए अलग-अलग जोन बनाए गए हैं। मतलब, पटना जोन में सिर्फ बिहार के छात्र और स्कूल रहेंगे, जबकि झारखंड को अपना अलग जोन मिल चुका है। यह बदलाव 2026 की बोर्ड परीक्षाओं से लागू होगा, और इसका फायदा सबसे पहले छात्रों व अभिभावकों को महसूस होगा।
पहले पटना रीजन में बिहार के 1330 और झारखंड के 690 स्कूल आते थे। अब झारखंड के ये 690 स्कूल पटना रीजन से अलग होकर अपने नए झारखंड रीजन में शामिल हो जाएंगे। सोचिए, पहले छात्रों और माता-पिता को एक साधारण सर्टिफिकेट या काउंसलिंग के लिए भी पटना जाना पड़ता था, समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। इस बदलाव के बाद सब कुछ यहीं निपट जाएगा।
झारखंड के लिए CBSE ने अलग रीजनल ऑफिस भी खोल दिया है। अब स्कूल संबद्धता, परीक्षा आयोजन, नीति का पालन और किसी भी तरह की समस्या का हल – सब कुछ झारखंड में ही होगा। इसका मतलब है कि स्थानीय स्तर पर फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और छोटे-छोटे कामों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सबसे खास बात यह है कि अब बिहार और झारखंड के रिजल्ट व पासिंग प्रतिशत अलग-अलग होंगे। इससे दोनों राज्यों के स्कूलों की प्रगति को अलग से मापा जा सकेगा। एक तरह से यह बदलाव प्रशासनिक व्यवस्था को न सिर्फ आसान, बल्कि छात्रों के लिए और ज्यादा सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।