पटना न्यूज डेस्क: पटना जंक्शन पर रोजाना लाखों यात्रियों की भीड़ और अफरा-तफरी रेलवे के लिए बड़ी चुनौती रही है। प्लेटफॉर्म पर लगातार दबाव कम करने के लिए अब रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। जंक्शन के पास हार्डिंग पार्क में पैसेंजर ट्रेन टर्मिनल बनाया जा रहा है, जो आने वाले समय में राजधानी पटना के रेल संचालन का नया केंद्र बनेगा।
करीब 95 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह टर्मिनल 5 प्लेटफॉर्म वाला होगा। इसके बन जाने के बाद जंक्शन से चलने वाली करीब 80 लोकल ट्रेनों का संचालन यहां से होगा। रोजाना लगभग 50 हजार यात्री इन ट्रेनों से सफर करते हैं। इससे पटना जंक्शन पर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी और भीड़ का दबाव कम हो जाएगा।
हार्डिंग पार्क टर्मिनल को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां पर्याप्त टिकट काउंटर, बड़ा पार्किंग एरिया, सड़क से सीधा कनेक्शन और अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी के जरिए प्लेटफॉर्म तक पहुंचने की व्यवस्था होगी। स्टेशन को मल्टी-मॉडल हब की तरह विकसित करने की योजना है, जिससे यात्री सीधे मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों से जुड़ पाएंगे।
इस टर्मिनल को आर ब्लॉक फ्लाईओवर गोलंबर से सीधे जोड़ा जाएगा, ताकि कंकड़बाग, कदमकुआं, सचिवालय और मीठापुर जैसे इलाकों से आने वाले लोग आसानी से यहां पहुंच सकें। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अगले 18 महीनों में इसके पूरा होने की उम्मीद है। भविष्य में यहां से मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी चलाई जा सकती हैं, जिससे पटना जंक्शन का दबाव और कम होगा।