पटना न्यूज डेस्क: पटना में एक बार फिर अतिक्रमण विरोधी मुहिम शुरू होने जा रही है। 1 सितंबर से 27 सितंबर तक चलने वाले इस विशेष अभियान को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। शहर की भीड़, ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था को खत्म करने के लिए इस बार मल्टी-एजेंसी टीम गठित की गई है, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त जिम्मेदारी होगी।
पटना प्रमंडल आयुक्त डॉ. चन्द्रशेखर सिंह के निर्देश पर नौ टीमें बनाई गई हैं। डीएम डॉ. त्यागराजन एसए और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा की निगरानी में यह अभियान शहर के छह अंचलों—नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी—के अलावा खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर निजामत में भी चलेगा। खास बात यह है कि पहले हटाए गए अतिक्रमण दोबारा न लौटें, इसके लिए वीडियोग्राफी से लेकर स्टेशन डायरी में पूरी कार्रवाई दर्ज करने तक के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का फोकस इस बार नो-वेंडिंग जोन और मुख्य मार्गों पर है। अशोक राजपथ, बोरिंग रोड, गांधी मैदान, कारगिल चौक और जेपी गंगा पथ जैसे इलाकों के साथ-साथ हरमंदिर साहिब, गुरु के बाग और मोर्चा रोड जैसे धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों को भी पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करने पर जोर रहेगा। बड़े अस्पतालों—एम्स, पीएमसीएच, एनएमसीएच और आईजीआईएमएस—के आसपास भी किसी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं होगा, ताकि मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही बाधित न हो।
आयुक्त ने साफ कहा है कि यह कदम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। अतिक्रमण हटने से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि पटना को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर व्यवस्थित और आधुनिक बनाया जाए। यदि यह अभियान सफल होता है, तो ट्रैफिक जाम से राहत मिलने के साथ-साथ पैदल यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी बड़ी सहूलियत होगी।